
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ (APCR) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नागपूर हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका 11 अगस्त 2023 के बाद नायब तहसीलदार द्वारा जारी किए गए जन्मप्रमाणपत्र रद्द करने के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी।
हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार, मुख्य सचिव, जिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार समेत सभी प्रतिवादियों को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

एपीसीआर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदोस मिर्जा के साथ एड. सैय्यद ओवैस अहमद, एड. शौएब ईनामदार, एड. काशिफ और एड. शाकिर शेख ने पैरवी की।
एपीसीआर महाराष्ट्र के जनरल सेक्रेटरी एड. शाकिर शेख ने कहा कि सरकार के आदेश ने हजारों नागरिकों को जन्म प्रमाणपत्र रद्द होने से भारी परेशानी में डाल दिया है। जन्म प्रमाणपत्र के बिना आधार कार्ड, वोटर आईडी, स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट और सरकारी योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो रहा है।
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से जवाब तलब किया है। आने वाले दिनों में इस याचिका पर सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।






